Tuesday, 23 August 2016

ओलंपिक की रोचक बातें

ओलंपिक की रोचक बातें 


  • एथेंस के पहले ओलंपिक में किसी भी महिला को खेलने का अवसर नहीं मिला था। 1900 के पेरिस ओलंपिक में पहली बार महिलाओं ने भाग लिया।
 
  • ओलंपिक खेलों में जो सोने के पदक दिए जाते हैं, वे पूरी तरह सोने से बने नहीं होते। आखिरी बार शुद्ध सोने से बने स्वर्ण पदक 1912 के स्टाकहोम ओलंपिक में दिए गए थे।


  • आजकल जो स्वर्ण पदक दिए जाते हैं, उनमें 92.5 प्रतिशत चांदी का होना अनिवार्य है। पूरे पदक में सिर्फ 6 प्रतिशत सोना होता है।
 
  • 1936 के बर्लिन ओलंपिक का पहली बार टेलिविजन पर प्रसारण हुआ। हालांकि यह प्रसारण केवल स्थानीय लोग ही देख सकते थे।
 
  • ओलंपिक में अब तक 200 से ज्यादा देशों ने भाग लिया है। परंतु केवल पांच देश ग्रीस, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, ग्रेट ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड ही ऐसे देश हैं, जिन्होंने 1896 से लेकर अब तक सारे ओलंपिक खेलों में भाग लिया है।
 
  • ओलंपिक खेलों के बहिष्कार का मामला पहली बार 1936 के बर्लिन ओलंपिक में देखने को मिला। ओलंपिक का बहिष्कार करने वाला पहला देश आयरलैंड बना।
 
  • 1900 के पेरिस ओलिंपक में जरूरी नहीं था कि कोई देश अपने खिलाडियों को भेजे, तो ही वह खेलों में भाग ले सकता था। कोई खिलाड़ी व्यक्तिगत रूप से भी आकर भाग ले सकता था। भारत के नार्मन प्रिचर्ड उन दिनों पेरिस में थे। उन्होंने दौड़ में भाग लिया और दो रजत पदक जीते। आधिकारिक रूप से भारत ने पहली बार 1920 के एंटवर्प ओलंपिक में भाग लिया।

 

  • भारत ओलिंपक में भाग लेने वाला एकमात्र देश है, जिसने हाकी में 1936 से 1956 तक लगातार 6 बार स्वर्ण पदक जीता। भारत ने कुल आठ स्वर्ण पदक हाकी में जीते, जो आज भी एक रेकार्ड है।


  • रियो ओलंपिक को 31वां ओलिंपक कहा जा रहा है। इनमें वे तीन ओलिंपक भी शामिल हैं, जो दो विश्व युद्ध के कारण नहीं हुए थे। 1914, 1940 और 1944 में ओलिंपक खेल नहीं हुए थे। परंतु इन्हें ओलिंपक गिनती में शामिल किया जाता है। वास्तव में अब तक 28 ओलिंपक खेल आयोजित हुए हैं।
 
  • भारत 1947 में आजाद हुआ। आजादी के बाद भारत ने पहली बार 1948 के लंदन ओलंपिक में भाग लिया। खास बात यह रही कि भारत ने हाकी के फाइनल में उस इंग्लैंड को हराया, जो एक साल पहले तक उसका शासक था।
 
  • 1956 के मेलबोर्न ओलंपिक में अजब तमाशा हुआ। आस्ट्रेलिया ने बाहरी देशों को अपने घोड़े ओलंपिक के लिए लाने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में घुड़सवारी के प्रतियोगिताएं यूरोप के  स्टाकहोम शहर में हुई। एक तरह से कह सकते हैं कि यह पहला ओलंपिक रहा, जो दो महाद्वीपों में हुआ।
 
  • लंदन एकमात्र शहर है, जहां तीन बार 1908, 1948 और 2012 में ओलंपिक खेल हुए।
 
  • अमेरिका में सबसे ज्यादा 4 बार ओलिंपक खेल हुए हैं। इसके तीन शहरों सेंट लुई (1904), लास एंजिल्स (1932 व 1984) तथा एटलांटा (1996) में ओलंपिक खेल हो चुके हैं।
 
  • अफ्रीका महाद्वीप में आज तक कोई ओलंपिक खेल नहीं हुआ है।
 
  • ओलंपिक इतिहास में पहली बार दक्षिण अमेरिका में ओलंपिक खेल 2016 में हुए। रियो ओलंपिक दक्षिण अमेरिका में पहला ओलंपिक खेल था।
 
  • भारत को फुटबाल के खेल में कोई खास देश नहीं माना जाता। परंतु 1956 के मेलबोर्न ओलंपिक में भारतीय फुटबाल टीम चौथे स्थान पर रही थी और कांस्य पदक जीतते-जीतते रह गई थी।
 
  • भारत के लिए लिएंडर पेस 1996 के अटलांटा ओलंपिक में टेनिस के एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुके हैं। उनसे पहले 1972 में उनके पिता भी ओलंपिक में हाकी टीम के लिए खेलते हुए कांस्य पदक जीत चुके थे। इस तरह से पिता-पुत्र दोनों ओलंपिक पदक विजेता हैं।
 

 
  • अब तक ओलंपिक खेलों में सबसे ज्यादा 2520 पदक अमेरिका ने जीते हैं। इनमें 1022 स्वर्ण , 794 रजत और 704 कांस्य पदक हैं।
 
  • ओलंपिक खेलों में सबसे ज्यादा पदक अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स ने जीते हैं। उन्होंने चार ओलंपिक में 28 पदक (23 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य) जीते हैं। एक ओलंपिक में एक खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक आठ पदक जीतने का श्रेय भी उन्हें ही है। 2008 के बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने आठ स्वर्ण जीते थे।

 
  • भारत के लिए व्यक्तिगत पदक पहली बार कुश्ती खेल में के. डी. जाधव ने जीता। 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में बेंटमवेट फ्री स्टाइल कुश्ती के 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य-पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। 


किसी एशियाई देश ने पहली बार ओलंपिक खेलों में 1912 के स्टाकहोम ओलंपिक में भाग लिया। यह देश था जापान।

1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक से ओलंपिक को ग्रीष्म और शीत ओलंपिक में बांट दिया गया। इस ओलंपिक को ग्रीष्म ओलंपिक के नाम से पुकारा गया।

1924 के पेरिस ओलंपिक के दौरान पहली बार ओलंपिक खेल गांव की कल्पना सामने आई। ओलंपिक समिति ने खिलाड़ियों के रहने के लिए खेल परिसर के आसपास किराए पर मकान लिए और खिलाड़ियों को वहां ठहराया गया। बाद में  1932 के लास एंजिलस ओलंपिक में  नया  खेल गांव बनाने की शुरुआत हुई।




ओलंपिक का इतिहास (भाग-5)2000 से 2016


ओलंपिक खेलों का इतिहास सदियों पुराना है। परंतु इन दिनों जो ओलंपिक खेल हो रहे हैं, उन्हें आधुनिक ओलंपिक खेल कहते हैं। इसकी शुरुआ 1896 में यूनान क¢ एथेंस नगर में हुई। तब से अ¨लंपिक खेलों का परचम पूरे विश्व में शान से लहरा रहा है। अब तक आपने 1996 तक के खेलों के बारे में जाना। अब आगे

सिडनी (आस्ट्रेलिया 15 सितंबर से 1 अक्तूबर 2000

 इस ओलंपिक में भाग लेने वाले देशों की संख्या बढ़कर 200 हो गई। बीर्गिट फिशर ने क्याक खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते। उसने 20 साल पहले मास्को ओलंपिक में भी स्वर्ण-पदक जीता था। इस तरह 20 साल के अंतराल पर पदक जीतने वाली वह पहली महिला खिलाड़ी बनी।




एथेंस (यूनान) 13 से 29 अगस्त 2004

कोशिश हुई थी कि 1996 के ओलंपिक खेल यूनान में कराए जाएं पर यह सफल नहीं हो पाया था। पर 2004 में ओलंपिक खेल अपने जन्मदाता देश में लौटा। इस बार 201 देशों ने इस ओलंपिक में भाग लिया। खिलाड़ियों की संख्या भी 10000  से ज्यादा हो गई।




बीजिंग (चीन)  8 से 24 अगस्त 2008

तोक्यो और सिओल के बाद बीजिंग ओलंपिक कराने वाला तीसरा एशियाई शहर बना। अमेरिकी तैराक  माइकल फेल्प्स ने इस ओलंपिक में 8 स्वर्ण पदक जीते जो आज भी एक ओलंपिक में किसी एक खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक का विश्व रिकार्ड है। भारत के  अभिनव बंद्रा ने निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को ओलंपिक के इतिहास में पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाया।



लंदन (इंग्लैंड) 25 जुलाई से 12 अगस्त 2012

लंदन में तीसरी बार ओलंपिक खेल हुए। यह आज तक के इतिहास में किसी एक नगर के लिए रेकार्ड है। पहली बार महिलाओं के लिए भी बाक्सिंग प्रतियोगिताएं ओलंपिक में हुई। सबसे खास बात यह रही कि हर देश की टीम में एक न एक महिला खिलाड़ी जरूर थी।



अब रियो (ब्राजील) 5 से 21 अगस्त 2016

इस बार के ओलंपिक में रेकार्ड 206 देशों ने भाग लिया। दो देश कोसोवो और दक्षिण सूडान पहली बार ओलंपिक में भाग लेने आए। इस बार सबसे ज्यादा 28 खेलों में 306 स्पर्धाएं आयोजित की गई । खिलाड़ियों में माइकल फेल्प्स सबसे सफल रहे। अमेरिका के तैराक माइकल फेल्प्स ने 5 स्वर्ण  और एक रजत पदक जीता।
 महान धावक उसेन वोल्ट में लगातार तीसरे ओलंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर और 100 गुणा 4 रिले में स्वर्ण पदक जीते। इस तरह  लगातार तीन ओलंपिक में तीन-तीन स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए। 


सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक के साथ ही सबसे ज्यादा पदक जीतने वाला देश भी अमेरिका ही बना।


भारत रियो ओलंपिक में कोवल दो ही पदक जीत पाया। दोनों पदक महुला खिलाड़ियों ने दिलाए। पहले कुश्ती में साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीता


फिर बैडमिंटन में पी. वी. सिंधु ने रजत पदक हासिल किया। पहली बार किसी महिला भारतीय खिलाड़ी ने रजत पदक जीता।



ओलंपिक का इतिहास (भाग-4) 1976 से 1996

ओलंपिक का इतिहास

ओलंपिक खेलों का इतिहास सदियों पुराना है। परंतु इन दिनों जो ओलंपिक खेल हो रहे हैं, उन्हें आधुनिक ओलंपिक खेल कहते हैं। इसकी शुरुआ 1896 में यूनान क¢ एथेंस नगर में हुई। तब से अ¨लंपिक खेलों का परचम पूरे विश्व में शान से लहरा रहा है। कल तक आपने 1972 तक के खेलों के बारे में पढ़ा। अब आगे

मांट्रियल (कनाडा) 17 जुलाई से 1 अगस्त 1976

 कनाडा में हुए इस ओलंपिक को पहली बार बहिष्कार का सामना करना पड़ा। ओलंपिक से कुछ दिनों पहले न्यूजीलैंड की रग्बी टीम ने रंग भेद मानने वाले देश दक्षिण अफ्रीका की यात्रा की थी। न्यूजीलैंड की टीम भी ओलंपिक में भाग ले रही थी। इसका विर¨ध करते हुए अफ्रीकी देशों ने ओलंपिक में भाग नहीं लिया।


मास्को (सोवियत संघ) 19 जुलाई से 3 अगस्त 1980

अफगानिस्तान पर सोवियत संघ के¢ आक्रमण के¢ विरोध में अमेरिका और उसके समर्थक देशों ने सोवियत संघ में हुए इस ओलंपिक का बहिष्कार किया। फिर भी 80 देशों ने इसमें भाग लिया।



लास एंजेल्स (अमेरिका) 28 जुलाई से 12 अगस्त 1984

 इस बार खेलों के बहिष्कार की बारी सोवियत संघ व उसके¢ समर्थक देशों की थी। फिर भी रिकार्ड संख्या में 140  देशों के¢ 6829 खिलाड़ियों ने 221 स्पर्धाओं में भाग लिया।



सिओल (दक्षिण क¨रिया) 17 सितंबर से 2 अक्तूबर 1988

 ओलंपिक खेल लौटकर एशिया में आए। बिना किसी बहिष्कार के सभी देशों ने इसमें भाग लिया। लान टेनिस में स्वर्ण-पदक जीतकर स्टेफी ग्राफ ने गोल्डन ग्रैंड स्लैम पूरा किया। इससे पहले वह 1988 में चारों ग्रैंड स्लैम टेनिस प्रतियोगिताएं जीत चुकी थी।




बार्सिलोना (स्पेन)  25 जुलाई से 9 अगस्त 1992

 इस ओलंपिक में ओलंपिक आंदोलन से जुड़े सभी 169 देशों ने इसमें भाग लिया। 9356 खिलाड़ियों में एक तिहाई से ज्यादा महिलाएं थीं।



अटलांटा (अमेरिका)  19 जुलाई से 4 अगस्त 1996

 इस ओलंपिक में 10318 खिलाड़ियों ने भाग लिया। 79 देशों ने कोई न कोई पदक जीता। भारत को लिएंडर पेस ने 16 वर्षों बाद ओलंपिक पदक दिलाया।




ओलंपिक का इतिहास (भाग-3) 1952 से 1972

                      ओलंपिक का इतिहास


ओलंपिक खेलों का इतिहास सदियों पुराना है। परंतु इन दिनों जो ओलंपिक खेल हो रहे हैं, उन्हें आधुनिक ओलंपिक खेल कहते हैं। इसकी शुरुआ 1896 में यूनान क¢ एथेंस नगर में हुई। तब से अ¨लंपिक खेलों का परचम पूरे विश्व में शान से लहरा रहा है। कल तक आपने 1948 तक के खेलों के बारे में जाना। अब आगे-

हेलसिंकी (फिनलैंड 19 जुलाई से 3 अगस्त 1952

पहली बार सोवियत संघ ने ओलंपिक खेलों में भाग लिया और अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती दी। डेनमार्क के¢ लिज हर्टल ने लकवा होने को बावजूद घुड़सवारी प्रतिय¨गिता में पदक जीता। उसे सहारा देकर घोड़े पर चढ़ाया और उतारा जाता था।


मेलबोर्न (आस्ट्रेलिया)22 नवंबर से 8 दिसंबर 1956

पहली बार ओसियाना क्षेत्र में अ¨लंपिक हुए। आस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा बाहरी घोड़ों पर प्रतिबंध लगा देने के¢ कारण घुड़सवारी प्रतियोगिताएं स्वीडन के स्टाकहोम में हुईं।  

रोम (इटली) 25 अगस्त से 11 सितंबर 1960

इस ओलंपिक में कई एतिहासिक स्थलों को ओलंपिक खेलों से जोड़ा गया। कुश्ती प्रतियोगिता उस जगह हुई, जहां 2000 वर्ष पूर्व कुश्ती हुआ करती थी। घाना का इके क्वार्टे ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाला प्रथम अश्वेत अफ्रीकी धावक बना।

तोक्यो (जापान) 10 से 24 अक्तूबर 1964

पहली बार ओलंपिक खेल एशिया में आय¨जित हुए। इसमें ओलंपिक अग्नि प्रज्ज्वलित करने का श्रेय उस योशिनोरी साकाई को दिया गया, जो ठीक उसी दिन यानी 9 अगस्त 1945 को हिरोशिमा में पैदा हुआ था, जिस दिन वहां परमाणु बम गिराया गया था। 

मैक्सिको सिटी (मैक्सिको) 12 से 27 अक्तूबर 1968

 मैक्सिको में ओलंपिक कराने के¢ निर्णय का बड़ा विर¨ध हुआ क्योंकि समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर होने के¢ कारण और जगहों के¢ मुकाबले यहां आक्सीजन की मात्रा कम होती है। इसी कारण लंबी दौड़ के मुकाबलों में खिलाड़ियों को काफी पर¢शानी हुई। पहली बार ड्रग टेस्ट में दोषी साबित होने पर स्वीडन के हैंस गुनार लिजेनवाल को खेलों से बाहर कर दिया गया। भाग लेने वाले देशों की संख्या भी 100  को पार कर गई।

म्यूनिख (प. जर्मनी) 26 से 11 सितंबर 1972

 पहली बार ओलंपिक खेलों ने आतंकवादियों का कहर देखा। एक सुबह फीलीस्तीनी आतंकवादियों ने खेल-गांव में घुसकर 11 इस्राइली खिलाड़ियों की हत्या कर दी। पहली बार शुभंकर घोषित करने की परंपरा भी यहीं से शुरू हुई।



ओलंपिक का इतिहास (भाग-2)1924 से 1948

ओलंपिक का इतिहास (2)

ओलंपिक खेलों का इतिहास सदियों पुराना है। परंतु इन दिनों जो ओलंपिक खेल हो रहे हैं, उन्हें आधुनिक ओलंपिक खेल कहते हैं। इसकी शुरुआत 1896 में यूनान क¢ एथेंस नगर में हुई। तब से ओलंपिक खेलों का परचम पूरे विश्व में शान से लहरा रहा है। कल आपने 1920 तक के खेलों के बारे में जाना था। आज उसके आगे...

पेरिस (फ्रांस, 4 मई से 27 जुलाई 1924)

 पहली बार ओलंपिक खेलों के¢ उद्देश्य को इन शब्दों में व्यक्त किया गया-    तेज, ऊंचा और मजबूत। यहीं एक नई परंपरा की शुरूआत हुई। ओलंपिक के¢ समापन समारोह में तीन झंडे फहराए गए। ओलंपिक ध्वज, मेजबान देश का ध्वज और उस देश का ध्वज, जहां अगले ओलंपिक खेल होने थे।


एम्सटर्डम (हालैंड) 17 मई से 12 अगस्त 1928

पहली बार यहां ओलंपिक अग्नि प्रज्ज्वलित करने की परंपरा शुरू हुई। इस ओलंपिक में एक मजेदार घटना हुई। नौका रेस की प्रतियोगिता हो रही थी। अचानक आस्ट्रेलियाई प्रतियोगी हेनरी पियर्स अपनी नाव को रोककर खड़े हो गए क्योंकि बतखों का एक परिवार उनके सामने से गुजर रहा था। उनके जाने के बाद पियर्स ने फिर से दौड़ आरंभ की और अंत में रेस जीतने में सफल रहे। बाद में स्वर्ण पदक भी उन्होंने ही जीता। भारत ने पहली बार यहीं हाकी में स्वर्ण-पदक जीता।


लास एंजिलस (अमेरिका, 30 जुलाई से 14 अगस्त 1932)

इस ओलंपिक के¢ दौरान कई नए काम हुए। पहली बार खिलाड़ियों के¢ लिए खेल-गांव बनाया गया। खेलों को एक महीने से भी कम समय में निपटाने का निर्णय लिया गया। मंदी के कारण कई देसों ने ओलंपिक में आने से मना कर दिया। हालत यह हुई कि हाकी में केवल तीन देशों भारत, जापान और अमेरिका ने भाग लिया। अपने सारे मैच हारने पर भी अमेरिका कांस्य पदक जीतने में सफल रहा।



बर्लिन (जर्मनी, 1 से 16 अगस्त 1936)

 इस ओलंपिक में जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर का सपना था कि इन खेलों के¢ द्वारा वह जर्मन बादशाहत को दुनिया के सामने साबित कर देंगे। पर एक अश्वेत अमेरिकी धावक जेसी ओवंस ने 4 स्वर्ण पदक जीतकर सारी वाहवाही लूट ली। इस ओलंपिक के दौरान एथेंस से मशाल जलाकर मेजबान देश तक लाने की परंपरा शुरू हुई।

 












लंदन (इंग्लैंड, 29 जुलाई से 14 अगस्त 1948

द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण 1940 और 1944 में ओलंपिक खेल नहीं हो पाए। आखिर बारह वर्षों के अंतराल पर 1948 में लंदन में ओलंपिक खेल हुए। भारत ने पहली बार इसी ओलंपिक में स्वतंत्र देश के¢ रूप में भाग लिया।